देवास/उज्जैन, अप्रैल 2026। मध्यप्रदेश के देवास जिले में शिक्षा विभाग से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) एच.एस. भारती को गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई उज्जैन संभाग के आयुक्त आशीष सिंह द्वारा जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर तत्काल प्रभाव से की गई है। देवास जिला शिक्षा अधिकारी निलंबित
इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
जांच में सामने आईं गंभीर अनियमितताएं
आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जिला शिक्षा कार्यालय देवास में करोड़ों रुपये के सरकारी फंड के उपयोग में नियमों का गंभीर उल्लंघन किया गया।
जांच में यह पाया गया कि:
- बिना ई-टेंडरिंग प्रक्रिया अपनाए बड़े स्तर पर भुगतान किया गया
- शासन के भंडार क्रय नियमों का पालन नहीं किया गया
- वित्तीय लेनदेन में पारदर्शिता का अभाव रहा
इन अनियमितताओं को गंभीर मानते हुए संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है।
बिना टेंडर करोड़ों का खर्च
जांच रिपोर्ट के अनुसार, कई खर्च बिना वैध निविदा प्रक्रिया के किए गए।
- 68वीं राष्ट्रीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता के लिए लगभग ₹20 लाख खर्च किए गए
- स्कूलों के रखरखाव के नाम पर प्रतिवर्ष ₹1.80 करोड़ से अधिक की राशि खर्च की गई
इन सभी खर्चों में नियमानुसार टेंडर प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया, जो कि सरकारी नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।
अवैध अग्रिम भुगतान का मामला
जांच में यह भी सामने आया कि कुछ व्यक्तियों को नियमों के विरुद्ध अग्रिम भुगतान किया गया।
- भारती नेव्या
- सुदेश सांगते
- सुनील कुमार चौधरी
इन व्यक्तियों को मिलाकर लगभग ₹28.89 लाख का एडवांस भुगतान किया गया, जबकि सरकारी नियमों में इस प्रकार के भुगतान का कोई प्रावधान नहीं है।
टैक्स नियमों की अनदेखी
जांच में यह भी पाया गया कि सामग्री खरीद और अन्य कार्यों में कर संबंधी नियमों का पालन नहीं किया गया।
- जी.एस.टी (GST) की 2% कटौती नहीं की गई
- टी.डी.एस (TDS) नियमों का उल्लंघन हुआ
- भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई
इन अनियमितताओं को वित्तीय अनुशासन का गंभीर उल्लंघन माना गया है।
निलंबन और प्रशासनिक कार्रवाई

जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया कि जिला शिक्षा अधिकारी अपने कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर रूप से लापरवाह रहे हैं। इसके चलते उन्हें मध्य प्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के तहत निलंबित कर दिया गया है।
निलंबन के दौरान:
- एच.एस. भारती का मुख्यालय उज्जैन संभाग में संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण कार्यालय रहेगा
- देवास जिला शिक्षा अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार जिला परियोजना समन्वयक (DPC) अजय मिश्रा को सौंपा गया है
कलेक्टर को दिए गए निर्देश
आयुक्त आशीष सिंह ने देवास कलेक्टर को निर्देशित किया है कि संबंधित अधिकारी के खिलाफ:
- आरोप पत्र तैयार किया जाए
- सभी प्रमाणित दस्तावेज संकलित किए जाएं
- 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए
यह निर्देश मामले की गंभीरता को दर्शाता है और संकेत देता है कि आगे और भी सख्त कार्रवाई हो सकती है।
शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप
इस बड़ी कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। अधिकारी और कर्मचारी अब इस मामले को लेकर सतर्क हो गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई :
- विभाग में पारदर्शिता बढ़ाने में मदद करती है
- भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने का संदेश देती है
- प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करती है
हाल के समय में बढ़ी सख्ती
पिछले कुछ समय से मध्यप्रदेश में विभिन्न विभागों में वित्तीय अनियमितताओं के मामलों पर प्रशासन द्वारा सख्ती बरती जा रही है।
सरकार द्वारा :
- ई-टेंडरिंग प्रक्रिया को अनिवार्य बनाया गया है
- वित्तीय लेनदेन में पारदर्शिता पर जोर दिया जा रहा है
- भ्रष्टाचार के मामलों में त्वरित कार्रवाई की जा रही है
देवास में हुई यह कार्रवाई भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
निष्कर्ष
देवास के जिला शिक्षा अधिकारी का निलंबन एक बड़ा प्रशासनिक फैसला है, जो वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता को लेकर सरकार की सख्ती को दर्शाता है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच के अगले चरण में क्या और तथ्य सामने आते हैं और क्या इस मामले में अन्य लोगों की भी भूमिका उजागर होती है।



