देवास, अप्रैल 2026। सोनकच्छ नगर के सिविल अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर एसडीएम आनंद मालवीया ने कड़ा रुख अपनाया है। बुधवार को किए गए औचक निरीक्षण के दौरान अस्पताल की कई गंभीर खामियां सामने आईं, जिनमें गंदगी, पेयजल की कमी, स्ट्रेचर की अस्वच्छ स्थिति और पर्याप्त बेड की अनुपलब्धता शामिल है।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने अस्पताल प्रबंधन को फटकार लगाते हुए सभी व्यवस्थाएं जल्द सुधारने के सख्त निर्देश दिए।
औचक निरीक्षण में सामने आईं गंभीर खामियां

एसडीएम आनंद मालवीया ने बिना पूर्व सूचना के अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल के बीएमओ राकेश कुमार मौके पर उपस्थित नहीं पाए गए। अस्पताल की ओर से डॉ. आदर्श ननेरिया और बीपीएम दीपक चौहान मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने दवा वितरण कक्ष सहित अन्य विभागों का भी जायजा लिया, जहां कई कमियां देखने को मिलीं।
महिला और पुरुष शौचालयों में गंदगी का अंबार

निरीक्षण के दौरान सबसे गंभीर स्थिति महिला और पुरुष शौचालयों की पाई गई।
- महिला टॉयलेट में चारों ओर गंदगी फैली हुई थी
- बाथरूम का फर्श गंदा और पानी से भरा हुआ था
- नल टूटे हुए पाए गए
- पुरुष बाथरूम की स्थिति भी समान रूप से खराब थी
इन हालातों को देखकर एसडीएम ने अस्पताल प्रबंधन पर नाराजगी व्यक्त की और तत्काल सफाई व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए।
पेयजल व्यवस्था भी बदहाल

अस्पताल में पेयजल की व्यवस्था भी बेहद खराब स्थिति में पाई गई।
- पानी के स्थान पर चारों ओर पानी फैला हुआ था
- आर.ओ मशीन बंद पड़ी थी
- मरीजों के लिए पीने के पानी की कोई उचित व्यवस्था नहीं थी
इस पर एसडीएम ने कड़ी नाराजगी जताते हुए तुरंत पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
स्ट्रेचर और बेड की खराब स्थिति

निरीक्षण के दौरान ड्रेसिंग रूम में रखे स्ट्रेचर पर खून के निशान पाए गए, जो गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। इसके अलावा:
- बेड गंदे और अस्वच्छ थे
- कई कक्षों पर गलत नाम की प्लेटें लगी हुई थीं
एसडीएम ने इन सभी व्यवस्थाओं को तत्काल सुधारने और साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
50 बिस्तर अस्पताल में सिर्फ 20 बेड उपलब्ध
अस्पताल की सबसे बड़ी समस्या संसाधनों की कमी के रूप में सामने आई।
- अस्पताल की क्षमता 50 बिस्तरों की है
- लेकिन मौके पर केवल 20 बेड ही उपलब्ध पाए गए
इस पर एसडीएम ने शेष 30 बेड की व्यवस्था के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
सभी कमियों को दर्ज कर कार्रवाई के निर्देश
निरीक्षण के दौरान एसडीएम के रीडर रजत गौतम ने अस्पताल की सभी कमियों को लिखित रूप में दर्ज किया। एसडीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि:
- सभी अव्यवस्थाओं को जल्द से जल्द दूर किया जाए
- नियमित रूप से सफाई और रखरखाव सुनिश्चित किया जाए
- मरीजों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं
पूर्व में भी उठ चुका है मुद्दा
गौरतलब है कि हाल ही में स्थानीय स्तर पर सिविल अस्पताल में पेयजल की कमी को लेकर खबर प्रकाशित की गई थी, जिसके बाद प्रशासन का ध्यान इस ओर गया।
इस निरीक्षण के बाद अब यह उम्मीद जताई जा रही है कि अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार होगा।
क्या बदलेगी व्यवस्था?
हालांकि यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि एसडीएम के निरीक्षण और निर्देशों के बाद अस्पताल की स्थिति में कितना सुधार आता है।
अक्सर देखा जाता है कि:
- निरीक्षण के बाद कुछ समय तक सुधार होता है
- लेकिन बाद में स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती है
ऐसे में नियमित निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है।
निष्कर्ष
सोनकच्छ सिविल अस्पताल में सामने आई अव्यवस्थाएं स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। एसडीएम के निरीक्षण के बाद अब जिम्मेदार अधिकारियों पर दबाव है कि वे जल्द से जल्द सुधार करें।
मरीजों को बेहतर सुविधा देना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इस दिशा में ठोस कदम उठाना आवश्यक है।



