ई-उपार्जन पोर्टल समस्या से किसान परेशान: सोनकच्छ में 4 हजार खसरे पुनः सत्यापन में

ई-उपार्जन पोर्टल समस्या

रबी विपणन वर्ष 2026-27 में गेहूं उपार्जन की प्रक्रिया के बीच ई-उपार्जन पोर्टल समस्या ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सोनकच्छ क्षेत्र में हजारों किसान ई-उपार्जन पोर्टल की खामियों के कारण पंजीयन और स्लॉट बुकिंग नहीं कर पा रहे हैं, जिससे उनमें भारी नाराजगी देखी जा रही है।

स्थानीय किसानों के अनुसार, पोर्टल पर पंजीयन पूरा होने के बावजूद स्लॉट बुकिंग के समय “सैटेलाइट द्वारा असत्यापित” या “पुनः सत्यापन” का संदेश आ रहा है, जिसके चलते वे अपनी उपज बेचने के लिए समय पर पंजीयन नहीं कर पा रहे हैं।

4 हजार खसरे पुनः सत्यापन में

सोनकच्छ क्षेत्र में करीब 4 हजार खसरे (भूमि रिकॉर्ड) पुनः सत्यापन के लिए भेजे गए हैं। इससे किसानों को अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

  • कई किसानों का पंजीयन पहले से हो चुका है
  • इसके बावजूद उन्हें दोबारा सत्यापन के लिए कहा जा रहा है
  • प्रक्रिया में देरी के कारण गेहूं बिक्री प्रभावित हो रही है

किसानों का कहना है कि जब रिकॉर्ड पहले ही सत्यापित हो चुके हैं, तो बार-बार सत्यापन की जरूरत क्यों पड़ रही है।

स्लॉट बुकिंग में आ रही तकनीकी समस्या

ई-उपार्जन पोर्टल समस्या के चलते स्लॉट बुकिंग के दौरान किसानों को कई तरह की तकनीकी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

प्रमुख समस्याएं:

  • सर्वर डाउन होना
  • सैटेलाइट सत्यापन में त्रुटि
  • स्लॉट बुकिंग का विकल्प उपलब्ध न होना

इन समस्याओं के कारण किसान समय पर अपनी उपज बेचने की प्रक्रिया पूरी नहीं कर पा रहे हैं।

देरी से शुरू हुई खरीदी, अब नई परेशानी

ई-उपार्जन पोर्टल समस्या

किसानों का कहना है कि सरकार द्वारा गेहूं खरीदी प्रक्रिया पहले ही निर्धारित समय से लगभग 15 दिन देरी से शुरू की गई।

अब जब खरीदी शुरू हुई है, तो:

  • ई-उपार्जन पोर्टल समस्या के कारण स्लॉट बुकिंग नहीं हो पा रही
  • पंजीयन प्रक्रिया अधूरी रह रही है
  • किसानों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं

इससे विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों पर ज्यादा असर पड़ रहा है।

किसानों में बढ़ रहा आक्रोश

ई-उपार्जन पोर्टल समस्या

लगातार आ रही तकनीकी समस्याओं के चलते किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

किसानों का कहना है:

  • समय पर स्लॉट नहीं मिलने से फसल खराब होने का डर है
  • मंडी में उपज बेचने में देरी हो रही है
  • आर्थिक नुकसान की संभावना बढ़ रही है

कई किसानों ने इसे प्रशासनिक लापरवाही बताया है।

विपक्ष ने साधा सरकार पर निशाना

इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है।

देवास जिला कांग्रेस के नेता मनोहर सिंह सेंधव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह पूरी तरह से सरकार की विफलता है, जिसके कारण प्रदेश का किसान परेशान हो रहा है।

उन्होंने कहा कि:

  • तकनीकी समस्याओं का समय पर समाधान नहीं किया जा रहा
  • किसानों को अनावश्यक परेशान किया जा रहा है
  • सरकार को तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए

प्रशासन के सामने चुनौती

ई-उपार्जन पोर्टल में आ रही समस्याएं प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि:

  • डिजिटल सिस्टम को मजबूत करना जरूरी है
  • सैटेलाइट सत्यापन प्रक्रिया को सरल बनाना होगा
  • किसानों को तकनीकी सहायता उपलब्ध करानी चाहिए

यदि समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो इसका असर पूरे खरीदी सीजन पर पड़ सकता है।

किसानों की प्रमुख मांगें

किसानों ने सरकार और प्रशासन से निम्न मांगें की हैं:

  • स्लॉट बुकिंग की तकनीकी समस्या को तुरंत ठीक किया जाए
  • पुनः सत्यापन की प्रक्रिया को सरल बनाया जाए
  • किसानों को अतिरिक्त समय दिया जाए
  • स्थानीय स्तर पर सहायता केंद्र बनाए जाएं

निष्कर्ष

सोनकच्छ क्षेत्र में ई-उपार्जन पोर्टल की तकनीकी खामियों ने किसानों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। 4 हजार खसरों का पुनः सत्यापन और स्लॉट बुकिंग में आ रही दिक्कतें इस समस्या को और गंभीर बना रही हैं।

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इन समस्याओं का समाधान कितनी जल्दी करता है और किसानों को राहत मिलती है या नहीं।