सोनकच्छ स्थित अमर शहीद राजा भाऊ महाकाल शासकीय महाविद्यालय में करीब तीन करोड़ रुपए की लागत से बनाए जा रहे अतिरिक्त कक्षों के निर्माण कार्य पर शुरुआत से ही सवाल उठने लगे हैं। सोनकच्छ कॉलेज निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए जनभागीदारी समिति के पूर्व अध्यक्ष बहादुर सिंह चौहान ने गंभीर आरोप लगाए हैं।
वहीं, इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाने के बाद “समाचार24” की खबर का असर भी सामने आया है, जिसके बाद प्रशासन और निर्माण एजेंसी हरकत में आई और मौके पर पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की गई।
3 करोड़ की लागत से बन रहे चार अतिरिक्त कक्ष

महाविद्यालय में विद्यार्थियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए चार नए कक्षों का निर्माण कार्य शुरू किया गया है। इस परियोजना पर लगभग ₹3 करोड़ खर्च किए जा रहे हैं।
- निर्माण कार्य भोपाल की पैराडाइज ग्लोबल रियल्टी सर्विसेस प्रा. लि. द्वारा किया जा रहा है
- परियोजना का उद्देश्य कॉलेज में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है
हालांकि, काम की शुरुआत के साथ ही इसकी गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
गुणवत्ता पर उठे सवाल

जनभागीदारी समिति के पूर्व अध्यक्ष बहादुर सिंह चौहान ने आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है।
उनके अनुसार:
- सीमेंट, रेत और गिट्टी का उपयोग तय गुणवत्ता के अनुसार नहीं हो रहा
- निर्माण कार्य में पर्याप्त पानी का छिड़काव (क्योरिंग) नहीं किया जा रहा
- शुरुआती चरण में ही लापरवाही बरती जा रही है
उन्होंने कहा कि भवन की नींव मजबूत होना सबसे महत्वपूर्ण होता है। यदि शुरुआत में ही गुणवत्ता से समझौता किया गया, तो भविष्य में पूरी इमारत की मजबूती पर असर पड़ सकता है।
अधिकारियों को कराया गया अवगत

इस मामले को लेकर संबंधित विभाग के अधिकारियों को भी जानकारी दी गई है।
कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग (PWD) देवास की अधिकारी सीमा प्रभाकर को इस संबंध में अवगत कराया गया, जिस पर उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने का आश्वासन दिया।
“समाचार24” की खबर का असर

निर्माण कार्य में पानी के छिड़काव की कमी को लेकर “समाचार24” द्वारा सोशल मीडिया पर खबर प्रकाशित किए जाने के बाद प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लिया।
खबर सामने आते ही:
- संबंधित विभाग सक्रिय हुआ
- निर्माण एजेंसी को निर्देश जारी किए गए
- गुणवत्ता सुधारने के लिए तत्काल कदम उठाए गए
यह दिखाता है कि मीडिया की भूमिका जनहित के मुद्दों को उठाने में कितनी महत्वपूर्ण होती है।
मौके पर करवाई गई बोरिंग
अधिकारियों के निर्देश के बाद निर्माण एजेंसी ने तेजी से कार्रवाई करते हुए बुधवार को निर्माण स्थल पर बोरिंग करवाई।
- अब साइट पर पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की गई
- नियमित रूप से निर्माण कार्य में पानी का छिड़काव किया जा सकेगा
- क्योरिंग प्रक्रिया को बेहतर बनाने की कोशिश की गई
इस कदम को निर्माण की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
गुणवत्ता पर अभी भी नजर जरूरी
हालांकि पानी की व्यवस्था होने के बाद एक महत्वपूर्ण समस्या का समाधान हुआ है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि:
- केवल पानी की उपलब्धता पर्याप्त नहीं है
- निर्माण सामग्री की गुणवत्ता भी सुनिश्चित करनी होगी
- तकनीकी निगरानी जरूरी है
यदि इन सभी पहलुओं पर ध्यान नहीं दिया गया, तो भविष्य में निर्माण कार्य पर फिर सवाल उठ सकते हैं।
जनहित से जुड़ा मामला
कॉलेज भवन का निर्माण सीधे तौर पर छात्रों के भविष्य से जुड़ा हुआ है। ऐसे में निर्माण कार्य की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही गंभीर चिंता का विषय है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि:
- सरकारी राशि का सही उपयोग होना चाहिए
- निर्माण कार्य में पारदर्शिता होनी चाहिए
- जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण होना चाहिए
निष्कर्ष
सोनकच्छ के शासकीय महाविद्यालय में निर्माण कार्य को लेकर उठे सवाल और उसके बाद “समाचार24” की खबर का असर यह दर्शाता है कि जनहित के मुद्दों को समय पर उठाना कितना जरूरी है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आने वाले समय में निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर कितनी गंभीरता बरती जाती है और क्या यह परियोजना तय मानकों के अनुसार पूरी होती है।



