देवास, 31 मार्च 2026। जिले के सोनकच्छ थाना क्षेत्र में लापता युवक गोपाल का शव दो दिन बाद रेलवे पटरी पर संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान ग्राम दोलतपुर निवासी 34 वर्षीय गोपाल बागवान के रूप में हुई है। इस घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश देखा गया, जिन्होंने हत्या का आरोप लगाते हुए इंदौर-भोपाल हाईवे पर चक्काजाम कर दिया।
करीब आधे घंटे तक चले इस विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस के आश्वासन पर परिजनों ने जाम समाप्त किया और शव का अंतिम संस्कार किया गया।
दो दिन से लापता था युवक
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, गोपाल बागवान बुधवार रात करीब 9 बजे अपने घर से यह कहकर निकला था कि वह एक शादी समारोह में जा रहा है। वह हाइवे पर स्थित “पप्पू एंड पप्पू ढाबा” के पास अपनी दुकान संचालित करता था।
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जानकारी मिली है कि गोपाल ढाबे के पास से प्रयागराज जाने वाली एक बस में बैठता हुआ दिखाई दिया। इसके बाद से उसका कोई सुराग नहीं मिला।
गुमशुदगी दर्ज कर शुरू हुई तलाश
गोपाल के छोटे भाई विनोद बागवान की शिकायत पर सोनकच्छ पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी थी। पुलिस द्वारा आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ और तकनीकी माध्यमों से भी खोजबीन की जा रही थी।
इस बीच शुक्रवार दोपहर को पुलिस को सूचना मिली कि शाजापुर जिले के बेरछा रेलवे स्टेशन के पास एक युवक का शव अस्त-व्यस्त हालत में पड़ा हुआ है।
आधार कार्ड से हुई पहचान
मौके पर मिले आधार कार्ड के आधार पर शव की पहचान गोपाल बागवान के रूप में की गई। सूचना मिलते ही सोनकच्छ पुलिस ने गोपाल के परिजनों को थाने बुलाया और उन्हें साथ लेकर बेरछा रेलवे स्टेशन पहुंची।
वहां गोपाल के भाई और अन्य परिजनों ने शव की पहचान की पुष्टि की। शव की स्थिति अत्यंत खराब बताई जा रही है, जिससे घटना को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा शव
पुलिस द्वारा शव का पोस्टमार्टम शाजापुर जिला अस्पताल में कराया गया। इसके बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया और मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप
गोपाल का शव इस हालत में मिलने से परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। उनका आरोप है कि गोपाल की हत्या की गई है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
ग्रामीणों का कहना है कि यह घटना सामान्य नहीं लगती और इसकी गहन जांच होना आवश्यक है।
हाईवे पर चक्काजाम, आधे घंटे तक यातायात प्रभावित

शुक्रवार शाम जब गोपाल का शव गांव लाया गया, तो नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने इंदौर-भोपाल हाईवे पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया।
- करीब 30 मिनट तक यातायात बाधित रहा
- पुलिस प्रशासन और ऐस.डी.ओ.पी दीपा मांडवी मौके पर पहुंचा
- समझाइश के बाद जाम समाप्त कराया गया
प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
पुलिस कर रही है जांच
फिलहाल पुलिस इस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि यह स्पष्ट नहीं है कि यह घटना दुर्घटना है, आत्महत्या है या फिर हत्या का मामला है।
अधिकारियों के अनुसार:
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है
- सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है
- सभी संभावित एंगल से मामले की पड़ताल की जा रही है
क्षेत्र में फैली सनसनी
इस घटना के बाद सोनकच्छ क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों में घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं और प्रशासन को इस दिशा में सख्त कदम उठाने चाहिए।
निष्कर्ष
सोनकच्छ में युवक गोपाल बागवान का शव संदिग्ध परिस्थितियों में रेलवे पटरी पर मिलना एक गंभीर मामला है। परिजनों द्वारा लगाए गए आरोप और ग्रामीणों के विरोध के बीच अब सबकी नजर पुलिस जांच पर टिकी हुई है।
यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच के बाद इस मामले की सच्चाई क्या सामने आती है और क्या दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होती है।



