सहकारी संस्थाओं के कर्मचारियों ने की हड़ताल

सहकारी संस्थाओं के कर्मचारियों को कलेक्टर दर और सेवा नियमों के अनुसार वेतन नहीं मिल रहा। सहकारी संस्थाओं के कर्मचारियों की हड़ताल का आज नवा दिन

जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा

जिले के विभागीय अधिकारियों की हठधर्मिता के कारण जिले के एक हजार कर्मचारी परेशान

देवास जिले की समस्त सहकारी संस्थाओं के कर्मचारियों को कलेक्टर दर और सेवा नियमों के अनुसार वेतन नहीं मिल रहा। इसी को लेकर बुधवार से कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी और आज हड़ताल का नवा दिन है।
कर्मचारियों का कहना है कि शासन ने वेतन के रूप में प्रति संस्था तीन लाख रुपए प्रतिवर्ष दिए हैं।

सरकारी गेहूं खरीदी पंजीयन के अलावा वसूली प्रभावित हो रही है

इस राशि का वर्गीकरण भी आयुक्त सहकारी संस्थाएं भोपाल ने कर्मचारियों को लाभ देने के लिए किया, लेकिन जिले में प्रशासक नियुक्त होने के कारण आदेशों का पालन नहीं हो रहा।

इसे लेकर कर्मचारियों ने कई बार जिला अधिकारियों से मुलाकात की, लेकिन समाधान नहीं हुआ।

13 मार्च गुरुवार को भी प्रतिनिधि मंडल जिला कलेक्टर से मिला लेकिन वार्ता में किसी भी तरह से कोई हल नहीं निकला।

विभागीय अधिकारियों की हठधर्मिता के कारण जिले के एक हजार कर्मचारी परेशान हो रहे हैं।

25 फरवरी को कलेक्टर, जिला खाद्य अधिकारी, उपायुक्त सहकारिता और जिला बैंक के सीईओ के नाम ज्ञापन दिया था।

इसमें 5 मार्च तक मांगें पूरी करने की बात कही गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

इसके चलते कर्मचारी हड़ताल पर चले गए।

धरना स्थल पर संगठन के जिला प्रतिनिधि बहादुरसिंह भाटी, संतोष शुक्ला, धर्मेंद्र सिंह सेंधव ने कहा कि कर्मचारियों को न तो कलेक्टर दर से वेतन मिल रहा और न ही सेवा नियमों के अनुसार भुगतान हो रहा।

धरना स्थल पर लोकेंद्रसिंह सेंधव हरेन्द सिंह सेंधव, कालू सिंह सेंधव,देवेंद्रसिंह, राहुलसिंह सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद हैं।