सोनकच्छ (देवास)। मध्यप्रदेश के जेल महानिदेशक वरुण कपूर ने सोमवार को देवास जिले की सोनकच्छ सब जेल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जेल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था, पेयजल, स्वच्छता, खाद्यान्न भंडारण और आधारभूत सुविधाओं का जायजा लिया गया। सोनकच्छ सब जेल निरीक्षण के दौरान कई कमियां सामने आने पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के बाद महानिदेशक ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि प्रदेश की जेलों के आधुनिकीकरण के तहत सोनकच्छ सहित 35 सब जेलों और 6 जिला जेलों में स्टाफ क्वार्टर बनाए जाएंगे, जबकि 125 जेलों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए इलेक्ट्रिक फेंसिंग भी लगाई जाएगी।
गार्ड ऑफ ऑनर के साथ हुआ स्वागत

जेल महानिदेशक वरुण कपूर के सोनकच्छ सब जेल पहुंचने पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद उन्होंने अधिकारी विजिटर रजिस्टर पर हस्ताक्षर कर जेल परिसर का निरीक्षण शुरू किया। इस दौरान जेल अधीक्षक विद्याभूषण प्रसाद और सहायक जेल अधीक्षक बुद्ध विलास आरख सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
निरीक्षण में सामने आईं कई कमियां
सोनकच्छ सब जेल निरीक्षण के दौरान जेल परिसर में पेयजल व्यवस्था की जांच की गई। एक स्थान पर नलों की टोटियां नहीं होने के कारण लगातार पानी बह रहा था, जिससे जल की बर्बादी हो रही थी। महानिदेशक ने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
इसके अलावा परिसर में कई स्थानों पर कच्ची जमीन होने के कारण बारिश में कीचड़ की समस्या देखी गई। अधिकारियों को आवश्यक निर्माण कार्य कराकर इस समस्या का स्थायी समाधान करने को कहा गया।
सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर
जेल सुरक्षा की समीक्षा के दौरान महानिदेशक ने जेल की चारदीवारी और उसके आसपास की व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण में एक स्थान पर दो दीवारें आपस में जुड़ी होने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से ऊंचाई कम पाई गई।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुरक्षा मानकों के अनुरूप दीवार का पुनर्निर्माण कर आवश्यक सुधार किए जाएं, ताकि किसी प्रकार की सुरक्षा चूक की संभावना न रहे।
खाद्यान्न भंडारण व्यवस्था पर जताई नाराजगी
सोनकच्छ सब जेल निरीक्षण के दौरान जेल में खाद्यान्न सामग्री के भंडारण की व्यवस्था भी देखी गई। पर्याप्त और व्यवस्थित स्टोरेज नहीं मिलने पर महानिदेशक ने नाराजगी व्यक्त की तथा संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं में सुधार करने के निर्देश दिए।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में किया पौधारोपण

सोनकच्छ सब जेल निरीक्षण के बाद वरुण कपूर ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत जेल परिसर के बाहर पौधारोपण किया। उन्होंने अधिकारियों को पौधे की सुरक्षा के लिए ट्री गार्ड लगाने और नियमित देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
जेल में वर्तमान में 44 बंदी
मीडिया से चर्चा करते हुए जेल महानिदेशक ने बताया कि वर्तमान में सोनकच्छ सब जेल में 44 बंदी निरुद्ध हैं। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान कुछ व्यवस्थागत और सुरक्षा संबंधी कमियां सामने आई हैं, जिन्हें शीघ्र दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रदेश की 125 जेलों में लगेगी इलेक्ट्रिक फेंसिंग
महानिदेशक वरुण कपूर ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा जेल सुरक्षा को आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। प्रदेश की 125 जेलों में मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPSEDC) के माध्यम से जेल की बाहरी दीवारों पर इलेक्ट्रिक फेंसिंग लगाने की योजना स्वीकृत हो चुकी है। इसके टेंडर भी जारी किए जा चुके हैं।
इस व्यवस्था का उद्देश्य जेलों की सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाना तथा अनधिकृत प्रवेश या फरारी की संभावनाओं को कम करना है।
सोनकच्छ सहित 35 सब जेलों में बनेंगे स्टाफ क्वार्टर
निरीक्षण के दौरान स्टाफ आवास की कमी का मुद्दा भी सामने आया। महानिदेशक ने बताया कि प्रदेश सरकार ने जेल विभाग के लिए 233 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इनमें से 50 करोड़ रुपये स्टाफ क्वार्टर निर्माण के लिए निर्धारित किए गए हैं।
इस योजना के तहत सोनकच्छ सहित 35 सब जेलों और 6 जिला जेलों में कर्मचारियों के लिए नए क्वार्टर बनाए जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार इससे जेल कर्मचारियों को बेहतर आवासीय सुविधाएं मिलेंगी और कार्य क्षमता में भी सुधार होगा।
जेलों के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
प्रदेश सरकार द्वारा इलेक्ट्रिक फेंसिंग, स्टाफ क्वार्टर निर्माण और आधारभूत सुविधाओं में सुधार जैसी योजनाओं को जेलों के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इन योजनाओं से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी और जेल कर्मचारियों के कार्य करने की परिस्थितियां भी बेहतर बनेंगी।



