सोनकच्छ डाकघर सिर्फ दो कमरों में संचालित, जगह की कमी से कर्मचारी और उपभोक्ता परेशान

सोनकच्छ डाकघर

सोनकच्छ (देवास)। देवास जिले के सोनकच्छ का मुख्य डाकघर वर्षों से केवल दो किराए के कमरों में संचालित हो रहा है। सीमित जगह के कारण यहां कर्मचारियों से लेकर आम नागरिकों तक सभी को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र के 16 उप डाकघरों से जुड़ी डाक सामग्री, सरकारी योजनाओं के दस्तावेज, आधार अपडेट केंद्र और बचत योजनाओं से संबंधित सेवाएं इसी सोनकच्छ डाकघर से संचालित होती हैं, लेकिन पर्याप्त भवन नहीं होने से व्यवस्थाएं लगातार प्रभावित हो रही हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सोनकच्छ का डाकघर क्षेत्र का प्रमुख डाकघर होने के बावजूद आज तक इसका अपना शासकीय भवन नहीं बन पाया है। इससे न केवल कर्मचारियों के कार्य करने में कठिनाई होती है, बल्कि आम नागरिकों को भी घंटों तक इंतजार करना पड़ता है।

केवल दो कमरों में चल रहा पूरा मुख्य डाकघर

सोनकच्छ डाकघर में डाक वितरण, स्पीड पोस्ट, रजिस्ट्री, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक, बचत खाते, डाक जीवन बीमा, सुकन्या समृद्धि योजना, आधार अपडेट सहित कई महत्वपूर्ण सेवाएं संचालित होती हैं।

लेकिन इन सभी सेवाओं के लिए केवल दो कमरे उपलब्ध होने से कार्यालय में हमेशा भीड़ बनी रहती है। कर्मचारियों को रिकॉर्ड सुरक्षित रखने, डाक सामग्री व्यवस्थित करने और दैनिक कार्यों के संचालन में काफी परेशानी होती है।

16 उप डाकघरों का केंद्र है सोनकच्छ

सोनकच्छ मुख्य डाकघर के अंतर्गत क्षेत्र के लगभग 16 उप डाकघर आते हैं। इन सभी शाखाओं के लिए भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं से संबंधित सामग्री, दस्तावेज और डाक पहले सोनकच्छ पहुंचती है।

जगह की कमी के कारण इन सामग्रियों को सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध नहीं है, जिससे रिकॉर्ड प्रबंधन और कार्यालयीन व्यवस्था प्रभावित होती है।

आधार अपडेट कराने वालों को भी उठानी पड़ रही परेशानी

डाकघर में आधार अपडेट एवं संशोधन केंद्र भी संचालित है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आधार कार्ड में नाम, पता, मोबाइल नंबर और बायोमेट्रिक अपडेट कराने पहुंचते हैं।

सीमित स्थान होने के कारण लोगों को घंटों तक लाइन में खड़ा रहना पड़ता है। कई बार बाहर इंतजार करना पड़ता है, जिससे बुजुर्ग, महिलाएं और दिव्यांग नागरिकों को सबसे अधिक परेशानी होती है।

लंबी कतारें और बैठने की व्यवस्था का अभाव

सोनकच्छ डाकघर

सोनकच्छ डाकघर में आने वाले लोगों के लिए पर्याप्त बैठने की व्यवस्था भी नहीं है। भीड़ बढ़ने पर कई लोगों को बाहर खड़े रहकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है।

विशेष रूप से पेंशन वितरण, सरकारी योजनाओं के भुगतान और बचत योजनाओं से जुड़े दिनों में स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है।

गोपनीय कार्यों में भी निजता प्रभावित

डाकघर में रजिस्ट्री, स्पीड पोस्ट, बचत खाते, वित्तीय लेनदेन और आधार अपडेट जैसे कई कार्य होते हैं, जिनमें व्यक्तिगत जानकारी साझा करनी पड़ती है।

लेकिन सीमित जगह के कारण ग्राहकों की निजता प्रभावित होती है, क्योंकि एक ही कमरे में कई सेवाएं एक साथ संचालित होती हैं।

कर्मचारियों पर भी बढ़ रहा कार्यभार

सोनकच्छ डाकघर कर्मचारियों का कहना है कि सीमित स्थान में लगातार काम करना शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से चुनौतीपूर्ण है। रिकॉर्ड सुरक्षित रखने, डाक सामग्री व्यवस्थित करने और ग्राहकों को समय पर सेवा देने में अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है।

पर्याप्त स्थान उपलब्ध होने पर कार्यालयीन कार्य अधिक व्यवस्थित और तेज गति से किए जा सकते हैं।

वर्षों से किराए के भवन में संचालित हो रहा डाकघर

सोनकच्छ डाकघर

स्थानीय नागरिकों के अनुसार सोनकच्छ का मुख्य डाकघर लंबे समय से किराए के भवन में संचालित हो रहा है। आज तक इसके लिए स्थायी शासकीय भवन उपलब्ध नहीं कराया गया।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि बढ़ती आबादी और सेवाओं के विस्तार को देखते हुए अब आधुनिक सुविधाओं से युक्त नए डाकघर भवन की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

नागरिकों ने की नए भवन की मांग

स्थानीय लोगों ने डाक विभाग, जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से मांग की है कि सोनकच्छ मुख्य डाकघर के लिए शीघ्र शासकीय भूमि उपलब्ध कराकर नया भवन बनाया जाए।

उनका कहना है कि आधुनिक भवन बनने से कर्मचारियों को बेहतर कार्य वातावरण मिलेगा, रिकॉर्ड सुरक्षित रहेंगे और आम नागरिकों को भी बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।

डिजिटल सेवाओं के दौर में बेहतर आधारभूत सुविधाओं की जरूरत

इंडिया पोस्ट अब केवल पत्र और पार्सल तक सीमित नहीं है। आज डाकघर बैंकिंग, आधार सेवाएं, बीमा, पेंशन, डिजिटल भुगतान और कई सरकारी योजनाओं का प्रमुख केंद्र बन चुका है। ऐसे में सोनकच्छ जैसे महत्वपूर्ण मुख्य डाकघर के लिए पर्याप्त भवन और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना समय की आवश्यकता है।

यदि जल्द नया भवन उपलब्ध कराया जाता है, तो इससे न केवल कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ेगी बल्कि हजारों उपभोक्ताओं को भी बेहतर और सुविधाजनक सेवाएं मिल सकेंगी।