सोनकच्छ सिविल अस्पताल निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. सरोजनी जेम्स बेक ने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया, जिसमें ड्यूटी रोस्टर के अनुसार कई चिकित्सक और कर्मचारी बिना स्वीकृत अवकाश के अनुपस्थित मिले। मामले को गंभीर मानते हुए सभी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। वहीं स्टोर प्रभारी को तत्काल हटाने और अस्पताल की व्यवस्थाओं में व्यापक सुधार के निर्देश भी दिए गए हैं।
यह निरीक्षण हाल ही में अस्पताल में उपचार के दौरान सामने आई अव्यवस्थाओं और मरीजों से बाहर से दवाइयां व सामग्री मंगवाए जाने की शिकायतों के बाद किया गया।

19 डॉक्टर और कर्मचारी बिना अनुमति के मिले अनुपस्थित
निरीक्षण के दौरान ड्यूटी रोस्टर का मिलान करने पर कई चिकित्सक और कर्मचारी बिना पूर्व अनुमति के अनुपस्थित पाए गए। इनमें डॉ. संदीप भंडारी, डॉ. नेहा मेश्राम, डॉ. लोकेंद्र नागर, डॉ. रामराज परमार, आरबीएसके चिकित्सक डॉ. अंबिका दुबे, डॉ. श्रुति दरक, डॉ. प्राची नायक सहित लैब टेक्नीशियन, नर्सिंग ऑफिसर, एएनएम, डाटा एंट्री ऑपरेटर, मलेरिया निरीक्षक और अन्य कर्मचारी शामिल हैं।
सीएमएचओ ने सभी के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं तथा जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर विभागीय कार्रवाई की संभावना भी जताई गई है।
स्टोर प्रभारी दो दिन से गायब, तत्काल हटाने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान अस्पताल के स्टोर प्रभारी नरेंद्र कुमार देशमुख लगातार दो दिन से बिना स्वीकृत अवकाश के अनुपस्थित पाए गए। स्टोर में दवाइयों, उपकरणों और अन्य सामग्री का रिकॉर्ड भी अद्यतन नहीं मिला तथा रखरखाव में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
सीएमएचओ ने तत्काल प्रभाव से स्टोर प्रभारी का प्रभार दूसरे कर्मचारी को देने और रिकॉर्ड व्यवस्थित करने के निर्देश दिए।
सीबीएमओ डॉ. शैलेन्द्र ओरिया की कार्यप्रणाली पर भी उठे सवाल

निरीक्षण के दौरान यह सवाल भी उठा कि अस्पताल के इतने डॉक्टर और कर्मचारी अनुपस्थित रहे, लेकिन इसकी जानकारी मुख्य खंड चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CBMO) डॉ. शैलेन्द्र ओरिया को नहीं थी।
सीएमएचओ ने अस्पताल में हुई अव्यवस्था और मरीजों से उपचार सामग्री बाहर से मंगवाने की घटना को गंभीर लापरवाही माना तथा सीबीएमओ और ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर (BPM) को भी कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही दोनों अधिकारियों को मुख्यालय पर ही निवास करने और व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करने के सख्त निर्देश दिए गए।
अब हर महीने होगा स्वास्थ्य संस्थाओं का निरीक्षण
सीएमएचओ ने निर्देश दिए कि ब्लॉक स्तर की सभी स्वास्थ्य संस्थाओं का हर महीने संयुक्त निरीक्षण किया जाएगा। इसके लिए बीपीएम, बीसीएम, बीईई, लेखापाल और ब्लॉक स्टोर प्रभारी की संयुक्त टीम बनाई जाएगी।
टीम दवाइयों, चिकित्सा उपकरणों, प्रचार सामग्री तथा अन्य व्यवस्थाओं की जांच कर रिपोर्ट जिला कार्यालय को भेजेगी। इसके अलावा जिला स्तर की टीम प्रत्येक तिमाही में ब्लॉक स्टोर का भी निरीक्षण करेगी।
आपात स्थिति में अनुपस्थित मिले तो होगी कड़ी कार्रवाई

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी आकस्मिक स्थिति के दौरान यदि कोई चिकित्सक या कर्मचारी बिना पूर्व स्वीकृति के अनुपस्थित पाया गया तो उसके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी और आवश्यक होने पर प्रस्ताव वरिष्ठ कार्यालय भेजा जाएगा।
नवनिर्मित अस्पताल भवन का भी किया निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान निर्माणाधीन नवीन अस्पताल भवन का भी अवलोकन किया गया। निर्माण एजेंसी को शेष कार्य शीघ्र पूरा करने, साफ-सफाई सुनिश्चित करने तथा भवन का समय पर हस्तांतरण करने के निर्देश दिए गए।


