सोनकच्छ: घटिया सामग्री की शिकायत पर पहुंचे इंजीनियर से कथित अभद्रता, ठेकेदार के कर्मचारियों पर काम में बाधा डालने का आरोप

सोनकच्छ। देवास जिले के सोनकच्छ नगर परिषद क्षेत्र में सीसी रोड निर्माण कार्य को लेकर विवाद गहराता नजर आया। वार्ड क्रमांक 4 में चल रहे सड़क निर्माण कार्य में घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग की शिकायत मिलने के बाद नगर परिषद के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर कार्य रुकवाया। इस दौरान नगर परिषद के इंजीनियर के साथ कथित अभद्र व्यवहार और शासकीय कार्य में बाधा डालने का मामला भी सामने आया, जिसके बाद पुलिस थाने में शिकायत के लिए आवेदन दिया गया।

मामला नगर परिषद द्वारा मुख्यमंत्री अधोसंरचना तृतीय चरण योजना के तहत कराए जा रहे सीसी रोड निर्माण कार्य से जुड़ा है।

वार्ड क्रमांक 4 में चल रहा था सीसी रोड निर्माण

काम रुकवाने गये इंजिनियर के साथ ठेकेदार के लोगों ने किया दुर्व्यवहार

नगर परिषद सोनकच्छ द्वारा वार्ड क्रमांक 4 में मुख्यमंत्री अधोसंरचना तृतीय चरण योजना के अंतर्गत सीसी रोड निर्माण कार्य शुरू कराया गया था। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदार को सौंपी गई थी और सोमवार से कार्य प्रारंभ हुआ।

हालांकि काम शुरू होते ही स्थानीय रहवासियों ने सड़क निर्माण में उपयोग की जा रही सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए नगर परिषद प्रशासन से शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत के बाद इंजीनियर ने रुकवाया निर्माण कार्य

वार्डवासियों की शिकायत मिलने पर नगर परिषद के इंजीनियर जितेंद्र मारु मौके पर पहुंचे। उन्होंने निर्माण स्थल पर उपयोग की जा रही गिट्टी, रेत, चूरी, बालू और सीमेंट सहित अन्य निर्माण सामग्री का निरीक्षण किया।

प्रारंभिक जांच के दौरान गुणवत्ता को लेकर आपत्तियां सामने आने पर इंजीनियर ने निर्माण कार्य तत्काल बंद कराने के निर्देश दिए।

आरोप: निर्देश के बावजूद दोबारा शुरू हुआ काम

स्थानीय नागरिकों के अनुसार इंजीनियर द्वारा कार्य रोकने के निर्देश दिए जाने के बावजूद अगले दिन संबंधित ठेकेदार द्वारा पुनः सड़क निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया।

इसके बाद वार्डवासियों ने दोबारा नगर परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ), इंजीनियर और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की।

सीएमओ ने मौके पर पहुंचकर लिए निर्माण सामग्री के नमूने

शिकायत मिलने के बाद नगर परिषद सीएमओ विष्णु देवड़ा और इंजीनियर जितेंद्र मारु निर्माण स्थल पहुंचे।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने निर्माणाधीन सड़क में उपयोग की गई सामग्री की जांच की। अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक निरीक्षण में सीमेंट की मात्रा अत्यंत कम दिखाई दी।

इसके बाद सीएमओ ने स्वयं निर्माणाधीन सड़क से सामग्री निकालकर उसके नमूने एकत्र किए और उन्हें प्रयोगशाला (लेबोरेटरी) जांच के लिए सुरक्षित कराया, ताकि गुणवत्ता की वैज्ञानिक जांच कराई जा सके।

इंजीनियर ने लगाया अभद्रता और कार्य में बाधा का आरोप

निरीक्षण के दौरान नगर परिषद इंजीनियर जितेंद्र मारु ने आरोप लगाया कि जब वे अपने सहयोगी कर्मचारियों के साथ निर्माण स्थल का निरीक्षण कर रहे थे, तब ठेकेदार के कर्मचारियों ने उनके कार्य में हस्तक्षेप किया और सरकारी कार्रवाई में बाधा उत्पन्न की।

इंजीनियर का कहना था कि निर्माण कार्य पहले ही नियमों के विपरीत पाए जाने पर रोका जा चुका था, इसके बावजूद दोबारा कार्य शुरू कर दिया गया।

उन्होंने यह भी बताया कि निर्माण सामग्री के नमूने पहले ही एकत्र किए जा चुके थे और पूरे मामले की जानकारी संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को भी दी गई थी।

पुलिस थाने में शिकायत के लिए दिया आवेदन

इंजीनियर जितेंद्र मारु ने बताया कि सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने और कथित अभद्र व्यवहार के संबंध में पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया गया।

हालांकि उस समय थाना प्रभारी के उपस्थित नहीं होने के कारण तत्काल प्रकरण दर्ज नहीं हो सका। आगे की कार्रवाई पुलिस द्वारा नियमानुसार की जानी थी।

निर्माण गुणवत्ता को लेकर पहले भी उठ चुके हैं सवाल

स्थानीय नागरिकों का कहना था कि संबंधित ठेकेदार द्वारा किए गए कुछ अन्य निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर भी पूर्व में सवाल उठाए जा चुके थे। इसी कारण वार्ड क्रमांक 4 में चल रहे सड़क निर्माण कार्य की भी निष्पक्ष जांच की मांग की गई।

रहवासियों का कहना था कि सार्वजनिक धन से होने वाले विकास कार्यों में निर्धारित तकनीकी मानकों और गुणवत्ता का पालन होना आवश्यक है ताकि भविष्य में सड़क जल्दी खराब न हो।

निष्पक्ष जांच की मांग

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, निर्माण सामग्री की लैब रिपोर्ट सार्वजनिक करने तथा दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की।

साथ ही यह भी मांग की गई कि जांच पूरी होने तक निर्माण कार्य तकनीकी मानकों के अनुरूप ही कराया जाए, जिससे निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके।