सोनकच्छ अतिक्रमण हटाओ अभियान: प्रशासनिक भवन के सामने हटाए गए टीन शेड, दुकानदारों से हुई बहस

सोनकच्छ अतिक्रमण हटाओ अभियान

सोनकच्छ अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत मंगलवार को एमजी रोड स्थित नवीन प्रशासनिक भवन के सामने प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सड़क और सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमण हटवाए। तहसीलदार एवं प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) नेहा शाह के नेतृत्व में चली कार्रवाई के दौरान आधा दर्जन से अधिक दुकानदारों ने स्वयं अपने टीन शेड और अतिक्रमण हटा लिए। हालांकि कार्रवाई के दौरान कुछ दुकानदारों ने विरोध भी किया और तहसीलदार से बहस की, लेकिन प्रशासन अपने फैसले पर अडिग रहा।

जेसीबी की चेतावनी के बाद दुकानदारों ने खुद हटाया अतिक्रमण

सोनकच्छ अतिक्रमण हटाओ अभियान

कार्रवाई शुरू होने से पहले तहसीलदार नेहा शाह ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि अतिक्रमण स्वयं नहीं हटाया गया तो प्रशासन जेसीबी की मदद से कार्रवाई करेगा और होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति की होगी।

चेतावनी के बाद अधिकांश दुकानदारों ने स्वयं ही अपने टीन शेड और अस्थायी निर्माण हटाना शुरू कर दिया। पशु चिकित्सालय के बाहर लगे टीन शेड भी हटवाए गए।

9 दुकानदारों ने की बहस, तहसीलदार बोलीं— ‘पक्षपात नहीं करूंगी’

कार्रवाई के दौरान पशु चिकित्सालय के मुख्य द्वार के पास स्थित नौ दुकानदारों ने अपने टीन शेड नहीं हटाने का अनुरोध किया। उनका कहना था कि उन्हें राहत दी जाए।

इस पर तहसीलदार नेहा शाह ने स्पष्ट कहा,

“यदि आपके टीन शेड नहीं हटाए गए तो यह पक्षपात माना जाएगा। कार्रवाई सभी पर समान रूप से होगी।”

दुकानदारों ने यह भी कहा कि कार्रवाई बस स्टैंड क्षेत्र से शुरू की जानी चाहिए क्योंकि वहां भी बड़े पैमाने पर अतिक्रमण है।

इस पर तहसीलदार ने जवाब दिया कि नगर में जहां-जहां अतिक्रमण है, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और किसी के साथ भेदभाव नहीं होगा।

इसके बाद दुकानदारों ने स्वयं अपने टीन शेड हटा दिए।

कार्रवाई रोकने की कोशिश भी हुई

कार्रवाई के दौरान एक भाजपा नेता मौके पर पहुंचे और कार्रवाई रुकवाने का प्रयास किया। हालांकि प्रशासन ने किसी भी दबाव को स्वीकार नहीं किया और निर्धारित कार्रवाई जारी रखी।

प्रशासन ने दिखाई संवेदनशीलता

सोनकच्छ अतिक्रमण अभियान के दौरान प्रशासनिक भवन के सामने बने एक मकान को भी चिन्हित किया गया। परिवार की स्थिति और वर्तमान बारिश के मौसम को देखते हुए तहसीलदार ने तत्काल कार्रवाई नहीं की।

परिवार को निर्देश दिए गए कि बारिश समाप्त होने के बाद स्वयं मकान हटाने की व्यवस्था करें, अन्यथा प्रशासन को कार्रवाई करनी पड़ेगी।

प्रशासन के इस निर्णय को मौके पर मौजूद लोगों ने मानवीय दृष्टिकोण बताया।

शहर के अन्य हिस्सों में भी कार्रवाई की मांग

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की कि नगर के अन्य प्रमुख क्षेत्रों में भी इसी प्रकार निष्पक्ष कार्रवाई की जाए।

लोगों ने विशेष रूप से—

  • बस स्टैंड
  • चमन बाजार
  • बस स्टैंड से बजरंग चौराहा मार्ग
  • एसबीआई बैंक के सामने
  • रेशम केंद्र क्षेत्र

में वर्षों से हो रहे अतिक्रमण हटाने की मांग उठाई। उनका कहना था कि इन क्षेत्रों में अतिक्रमण के कारण सड़कें संकरी हो गई हैं और आए दिन यातायात जाम की स्थिति बनती है।

यातायात और सुरक्षा के लिए जरूरी है कार्रवाई

नगर के प्रमुख मार्गों पर बढ़ते अतिक्रमण से न केवल यातायात प्रभावित हो रहा है बल्कि आपातकालीन सेवाओं को भी परेशानी होती है। प्रशासनिक भवन जैसे महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालयों के सामने सड़क पर अतिक्रमण होने से आम नागरिकों को भी असुविधा का सामना करना पड़ता है।

शहरी नियोजन विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नियमित और निष्पक्ष तरीके से जारी रही तो यातायात व्यवस्था में सुधार होगा और भविष्य में सड़क चौड़ीकरण जैसे विकास कार्यों में भी सुविधा मिलेगी।

पुलिस बल रहा तैनात

सोनकच्छ अतिक्रमण अभियान के दौरान थाना प्रभारी विक्रांत झांझोट पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। प्रशासन और पुलिस की संयुक्त मौजूदगी के कारण कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई और किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति नहीं बनी।