सोनकच्छ सफाईकर्मी वेतन को लेकर नगर परिषद में एक बार फिर विवाद गहरा गया है। पिछले तीन माह से वेतन नहीं मिलने और चौथे माह का भुगतान भी लंबित रहने से सफाईकर्मियों में भारी नाराजगी है। मंगलवार को वेतन जारी होने का आश्वासन मिलने के बावजूद राशि कर्मचारियों के खातों में नहीं पहुंची। इसके बाद सफाईकर्मियों ने अध्यक्ष प्रतिनिधि एवं पार्षद कृष्णपाल सिंह बघेल से मुलाकात कर साफ कहा कि “आज तनख्वाह नहीं मिली तो कल से फिर हड़ताल होगी”।
तीन माह का वेतन बकाया, चौथा महीना भी शुरू
नगर परिषद की आर्थिक स्थिति इन दिनों गंभीर बताई जा रही है। इसी कारण सफाईकर्मियों का तीन माह का वेतन लंबित है, जबकि चौथे माह का कार्य भी जारी है। लगातार वेतन नहीं मिलने से कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
मंगलवार को वेतन जारी होने की उम्मीद थी, लेकिन भुगतान नहीं होने से कर्मचारियों का आक्रोश बढ़ गया।
अध्यक्ष प्रतिनिधि से बोले कर्मचारी— “आश्वासन बहुत मिले, अब वेतन चाहिए”

कालीसिंध नदी स्थित त्रिवेणी घाट पर सफाईकर्मियों ने अध्यक्ष प्रतिनिधि कृष्णपाल सिंह बघेल को बुलाकर अपनी नाराजगी जाहिर की।
कर्मचारियों ने कहा कि पिछले आंदोलन के दौरान वे प्रशासन और अध्यक्ष के आश्वासन पर काम पर लौट आए थे, लेकिन उसके बाद भी वेतन नहीं मिला।
उन्होंने दो टूक कहा कि यदि बुधवार तक वेतन जारी नहीं हुआ तो गुरुवार से दोबारा हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।
महिला कर्मचारियों ने सुनाई अपनी परेशानी
बैठक के दौरान महिला सफाईकर्मियों ने बताया कि कई कर्मचारियों के घरों में बच्चे बीमार हैं और इलाज के लिए उन्हें उधार लेना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन जैसे बड़े त्योहार से पहले वेतन नहीं मिलने से परिवार चलाना मुश्किल हो गया है।
कर्मचारियों का कहना था कि लगातार चार महीने तक वेतन नहीं मिलना किसी भी कर्मचारी के लिए गंभीर आर्थिक संकट की स्थिति है।
अनुपस्थित कर्मचारियों पर भी उठा सवाल
सफाईकर्मियों ने यह भी कहा कि जो कर्मचारी नियमित रूप से ड्यूटी पर नहीं आते, उनके खिलाफ प्रशासन कार्रवाई करे। उनका कहना था कि नियमित रूप से काम करने वाले कर्मचारियों को वेतन नहीं मिलना उचित नहीं है।
अध्यक्ष प्रतिनिधि ने तहसीलदार से चर्चा का दिया भरोसा

कर्मचारियों की बात सुनने के बाद अध्यक्ष प्रतिनिधि कृष्णपाल सिंह बघेल ने कहा कि वे इस संबंध में प्रभारी सीएमओ एवं तहसीलदार नेहा शाह से चर्चा करेंगे और जल्द वेतन जारी कराने का प्रयास करेंगे।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यदि भुगतान नहीं हो पाता है तो आगे आंदोलन का निर्णय कर्मचारी स्वयं लेने के लिए स्वतंत्र हैं।
सीएमओ अवकाश पर, तहसीलदार के पास अतिरिक्त प्रभार
इस बीच नगर परिषद के सीएमओ अमरदास सेनानी 10 दिन के अवकाश पर चले गए हैं। उनके अतिरिक्त प्रभार की जिम्मेदारी तहसीलदार नेहा शाह को सौंपी गई है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार आने वाले दिनों में नगर परिषद में कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लिए जा सकते हैं।
नगर परिषद में हो सकती है बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार नगर परिषद में कुल 157 कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें से लगभग 35 कर्मचारियों की नियुक्तियों की जांच चल रही है। यदि जांच में अनियमितता सामने आती है तो नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।
हालांकि इस संबंध में अभी तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है।
हड़ताल हुई तो सफाई व्यवस्था पर पड़ सकता है असर
यदि सफाईकर्मी दोबारा हड़ताल पर जाते हैं तो नगर की सफाई व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। बरसात के मौसम में नियमित सफाई नहीं होने से जलभराव, कचरा और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन को जल्द वेतन भुगतान कर विवाद का समाधान करना चाहिए ताकि शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित न हो।



