देवास, मध्य प्रदेश। दोलतपुर नगर वन देवास प्रकृति प्रेमियों और पर्यावरण संरक्षण के लिए एक नई पहचान बनता जा रहा है। यह क्षेत्र खिवनी वन्यजीव अभयारण्य के अंतर्गत आता है, जो अपनी जैव विविधता, हरियाली और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है।
विंध्य पर्वत श्रृंखला की गोद में बसे इस क्षेत्र में अब एक आधुनिक “नगर वन” विकसित किया गया है, जो न केवल पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है, बल्कि लोगों को प्रकृति से जुड़ने का भी अवसर दे रहा है।
विंध्याचल की पहाड़ियों में बसा है यह प्राकृतिक क्षेत्र
दोलतपुर वन क्षेत्र विंध्य पर्वत श्रृंखला की पहाड़ियों पर स्थित है। यह क्षेत्र देवास जिले की कन्नोद तहसील और सीहोर जिला के कुछ हिस्सों में फैला हुआ है।
यह पूरा इलाका:
- घने जंगलों
- ऊंची-नीची घाटियों
- प्राकृतिक जल स्रोतों
से भरपूर है, जो इसे एक महत्वपूर्ण वन क्षेत्र बनाता है।
खिवनी-दोलतपुर वन मार्ग की खास पहचान
यह क्षेत्र “खिवनी-दोलतपुर वन मार्ग” के नाम से भी जाना जाता है।
इसकी प्रमुख विशेषताएं:
- प्राकृतिक सुंदरता
- शांत वातावरण
- वन्यजीवों की उपस्थिति
- पर्यटन की संभावनाएं
यह मार्ग पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के दृष्टिकोण से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
70 हेक्टेयर में विकसित हुआ आधुनिक नगर वन
नगर के समीप स्थित एक वीरान पहाड़ी को अब 70 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित कर “नगर वन” बनाया गया है।
जो पहाड़ी कभी बंजर और वीरान हुआ करती थी, आज वह हरियाली, स्वच्छ वातावरण और पर्यटन गतिविधियों का केंद्र बन चुकी है।
नगर वन में विकसित की गई आधुनिक सुविधाएं

इस नगर वन को केवल हरियाली तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि इसे एक आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया गया है।
यहां उपलब्ध प्रमुख सुविधाएं:
- भव्य प्रवेश द्वार (Attractive Gate)
- चार योग हाल (Yoga Halls)
- तलाई मार्ग (Walking Trails)
- वन्यजीव आकृतियों वाले गमले
- नेचर टूल्स और शैक्षणिक संरचनाएं
- गेमिंग जोन
- सेल्फी पॉइंट
- पर्यटकों के लिए बैठने की व्यवस्था
यह सभी सुविधाएं लोगों को प्रकृति के बीच एक सुखद अनुभव प्रदान करती हैं।
नक्षत्र वाटिका और ऑक्सीजन पार्क का निर्माण
नगर वन में विशेष रूप से “नक्षत्र वाटिका” का निर्माण किया गया है, जहां विभिन्न नक्षत्रों के अनुसार पौधों का रोपण किया गया है।
इसके साथ ही:
- औषधीय पौधों का रोपण
- ऑक्सीजन पार्क का निर्माण
भी किया गया है, जिससे लोगों को पेड़ों और पर्यावरण के महत्व के बारे में जागरूक किया जा सके।
जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान
इस क्षेत्र में केवल सौंदर्यीकरण ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के लिए भी कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं।
प्रमुख प्रयास:
- चेक डेम निर्माण
- गेबियन संरचनाएं
- परकुलेशन टैंक
इन उपायों से जल संरक्षण, मृदा क्षरण की रोकथाम, भूजल स्तर में सुधार जैसे सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
वन्यजीवों की मौजूदगी से बढ़ा महत्व

दोलतपुर वन क्षेत्र में विभिन्न प्रकार के वन्यजीव भी देखे गए हैं, जो इसकी जैव विविधता को और समृद्ध बनाते हैं।
यहां पाए जाने वाले प्रमुख जीव:
- जंगली सुअर, तेंदुआ, हिरण, खरगोश, गिद्ध, मोर इन वन्यजीवों की उपस्थिति इस क्षेत्र को और भी महत्वपूर्ण बनाती है।
पर्यटन और पर्यावरण शिक्षा का केंद्र बन रहा क्षेत्र
यह नगर वन अब केवल एक पर्यटन स्थल ही नहीं, बल्कि:
- पर्यावरण शिक्षा
- प्राकृतिक अध्ययन
- और जागरूकता का भी प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।
स्कूल और कॉलेज के छात्र यहां आकर प्रकृति को समझ सकते हैं, पर्यावरण संरक्षण के महत्व को जान सकते हैं
स्थानीय लोगों के लिए मिला नया आकर्षण
नगर वन के विकास से स्थानीय लोगों को:
- घूमने के लिए एक स्वच्छ स्थान
- स्वास्थ्य के लिए योग और वॉकिंग सुविधा
- और प्रकृति के करीब समय बिताने का अवसर मिल रहा है।
निष्कर्ष
दोलतपुर वन क्षेत्र में विकसित यह नगर वन यह साबित करता है कि सही योजना और प्रयासों से किसी भी वीरान क्षेत्र को हरियाली और जीवन से भरपूर बनाया जा सकता है।
यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों को प्रकृति से जुड़ने का संदेश भी देती है।



