7 मई को कांग्रेस का प्रदेशव्यापी चक्काजाम, किसान मुद्दों पर नेशनल हाईवे जाम का ऐलान

7 मई कांग्रेस चक्काजाम

देवास/सोनकच्छ, मई 2026। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने प्रदेश सरकार की कथित जनविरोधी नीतियों और किसानों की समस्याओं को लेकर 7 मई को मध्यप्रदेशभर में नेशनल हाईवे चक्काजाम करने का ऐलान किया है। इस आंदोलन की तैयारियों को लेकर देवास जिले के सोनकच्छ में 7 मई कांग्रेस चक्काजाम को लेकर पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रदेश के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कार्यकर्ताओं और नेताओं को संबोधित किया।

बैठक में आंदोलन की रूपरेखा, संगठनात्मक तैयारी और विभिन्न जिम्मेदारियों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि प्रदेश में किसान, मजदूर और आम जनता महंगाई, बिजली दरों में वृद्धि, कृषि संकट और प्रशासनिक अव्यवस्थाओं से परेशान हैं।

कांग्रेस का आरोप: किसान और आम जनता परेशान

बैठक को संबोधित करते हुए सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में प्रदेश का अन्नदाता किसान गंभीर संकट से गुजर रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि:

  • किसानों को फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल रहा
  • गेहूं खरीदी और स्लॉट बुकिंग में तकनीकी समस्याएं आ रही हैं
  • बिजली दरों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है
  • महंगाई से आम जनता प्रभावित है

उन्होंने कहा कि इन्हीं मुद्दों को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के आह्वान पर 7 मई को प्रदेशव्यापी चक्काजाम किया जाएगा।

नेशनल हाईवे जाम कर जताया जाएगा विरोध

7 मई कांग्रेस चक्काजाम

कांग्रेस नेताओं के अनुसार आंदोलन के दौरान:

  • प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में नेशनल हाईवे पर प्रदर्शन किया जाएगा
  • किसानों और आम जनता से समर्थन मांगा जाएगा
  • सरकार के खिलाफ ज्ञापन भी सौंपे जाएंगे

पार्टी का कहना है कि यह आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा, लेकिन यदि सरकार ने किसानों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया तो आगे और बड़े आंदोलन किए जा सकते हैं।

बैठक में कई कांग्रेस नेता रहे मौजूद

इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनीष चौधरी और विनय बाकलीवाल, हुकम पाटीदार ने भी बैठक को संबोधित किया।

नेताओं ने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव जाकर आंदोलन की जानकारी पहुंचाने और अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने का आह्वान किया।

हाल के किसान मुद्दों को लेकर बढ़ा विरोध

पिछले कुछ समय से मध्यप्रदेश में:

  • गेहूं खरीदी में देरी
  • ई-उपार्जन पोर्टल की तकनीकी समस्याएं
  • स्लॉट बुकिंग में दिक्कत
  • नरवाई जलाने पर कार्रवाई
  • खाद और बिजली संबंधी शिकायतें, जैसे मुद्दों को लेकर किसानों में नाराजगी देखी जा रही है।

कांग्रेस इन्हीं मुद्दों को लेकर भाजपा सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है।

राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण आंदोलन

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावी माहौल को देखते हुए कांग्रेस किसानों और ग्रामीण मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने का प्रयास कर रही है।

प्रदेशव्यापी चक्काजाम जैसे आंदोलनों के जरिए पार्टी:

  • किसान असंतोष को राजनीतिक मुद्दा बनाना चाहती है
  • सरकार पर दबाव बढ़ाना चाहती है
  • और जमीनी स्तर पर संगठन को सक्रिय करना चाहती है

प्रशासन की चुनौती बढ़ सकती है

यदि प्रदेशभर में हाईवे जाम किया जाता है, तो प्रशासन और पुलिस के सामने:

  • यातायात व्यवस्था बनाए रखने
  • कानून व्यवस्था संभालने
  • और आम लोगों को असुविधा से बचाने की चुनौती भी बढ़ सकती है।

निष्कर्ष

7 मई को प्रस्तावित कांग्रेस का प्रदेशव्यापी चक्काजाम मध्यप्रदेश की राजनीति और किसान मुद्दों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब यह देखना होगा कि इस आंदोलन को जनता और किसानों का कितना समर्थन मिलता है और सरकार इस पर क्या प्रतिक्रिया देती है।